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Special Category Status (विशेष राज्य) का पूरा टाइमलाइन : 1969 से 2023 तक

आज Special Category Status का पूरा टाइम लाइन। ये व्यवस्था कब शुरू हुई, कब किस राज्य को Special Category Status मिला, कब किस राज्य ने Special Category Status की माँग की, कब किस राज्य ने Special Category Status पाने के लिए धरना दिया, प्रदर्शन किया, आंदोलन किया, प्रधानमंत्री से मिले, उन्हें पत्र दिया, आग्रह किया, कब कब देश की संसद में और कब कब अलग अलग राज्यों के विधानसभाओं में Special Category Status के विषय पर सवाल उठा, बहस हुआ, जवाब दिया गया, Special Category Status के मुद्दों पर इन सारे महत्वपूर्ण तिथियों, घटनाओं और पड़ावों का पूरा संग्रह कुछ इस प्रकार है।

150 सालों से चल रहा है विशेष राज्य का विवाद और बिहार के साथ भेदभाव । News Hunters |
  1. साल 1969 में , नैशनल डिवेलप्मेंट काउन्सिल ने नागालैंड और जम्मू कश्मीर देश के पहले तीन राज्य थे जिन्हें Special Category Status दिया गया। 
  2. मणिपुर, मेघालय, और त्रिपुरा को साल 1971-72, सिक्किम को 1975-76, हिमाचल प्रदेश को साल 1970-71, अरुणाचल प्रदेश व मिज़ोरम को 1986-87 में
  3. अंततः उत्तराखंड को साल 2001-02 में Special Category Status दिया गया। Special Category Status का दर्जा प्राप्त करने वाला उत्तराखंड आख़री राज्य था।
  4. इनके अलावा साल 1979 में पहली बार ओड़िसा ने Special Category Status की माँग की। इसके पहले जितने भी राज्यों को Special Category Status का दर्जा मिला उसमें से किसी ने भी कभी इसकी माँग की थी। 
  5. 1980 के दशक के दौरान पंजाब और दिल्ली ने भी कई बार Special Category Status की माँग की ख़ासकर जब पंजाब में खलिस्तनी अलगाववाद तेज़ी से फैल रहा था। 
  6. 2010 तक बिहार, राजस्थान, ओड़िसा और छत्तीसगढ़ Special Category Status की माँग कर रहा था और उसके बाद फिर तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, झारखंड और उत्तर प्रदेश भी Special Category Status की माँग करने लगा। 
  7. मार्च 1998 में BJD नेता रामकृष्ण पटनायक ने कहा कि अगर भाजपा की अटल सरकार ओड़िसा को Special Category Status नहीं देगी तो वो NDA से गठबंधन तोड़ सकते हैं और अटल सरकार से अपना समर्थन वापस ले सकते हैं।
  8. जनवरी 2002 में बिहार के मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने बिहार के लिए Special Category Status की माँग इस तर्ज़ पर किया था कि बिहार के विभाजन होने और झारखंड अलग राज्य बनने से बिहार को आर्थिक क्षति हुई है। यह पहला मौक़ा था जब बिहार के  किसी नेता ने बिहार के लिए Special Category Status की माँग की थी। 
  9. 09 दिसम्‍बर 2005 – बिहार में नीतीश कुमार की सरकार बनने के एक महीने के भीतर नीतीश कुमार ने तत्‍कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को बिहार को Special Category Status देने के लिए मेमोरेन्‍डम दिया। 
  10. 04 अप्रैल 2006 – बिहार विधान सभा से सर्वसम्‍मति से बिहार को Special Category Status दिये जाने की मांग का प्रस्‍ताव पारित किया गया ।  
  11. मई 2006 – विधान सभा सचिवालय द्वारा मुख्‍य सचिव को सूचना दी गई कि बिहार को Special Category Status प्रदान करने हेतु केन्‍द्र सरकार से सिफारिश करे। 
  12. 03 जून 2006 – मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार जी ने तत्‍कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को दोबारा बिहार को Special Category Status प्रदान करने हेतु पत्र लिखा साथ ही सर्वदलीय शिष्‍टमंडल को प्रधानमंत्री जी से मिलने के लिए समय मांगा। 
  13. 14 जुलाई 2009 – मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार जी ने तत्‍कालीन प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर बिहार Special Category Status देने की माँग की।   
  14. 31 मार्च 2010 – बिहार विधान परिषद में सर्वसम्‍मति से बिहार को Special Category Status के लिए प्रस्‍ताव पारित किया गया। 
  15. 10 मई 2010 – मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार जी ने पुन: प्रधानमंत्री जी को पत्र लिखकर Special Category Status की माँग की। 
  16. 23 मार्च 2011 – बिहार NDA सांसदों ने प्रधानमंत्री जी से मुलाकात की और बिहार को Special Category Status के लिए ज्ञापन सौंपा। ये ज्ञापन आज भी भाजपा के वेब्सायट www.bjp.org पर उपलब्ध है। 
  17. 14 जुलाई 2011 – जदयू की ओर से प्रधानमंत्री को सवा करोड़ लोगों के हस्‍ताक्षर युक्‍त पत्र सौंपा। 
  18. सितम्बर 2011 में भारत सरकार ने बिहार को Special Category Status देने के लिए Inter Ministerial Group बनया। 
  19. 28 दिसम्‍बर 2011 – तत्‍कालीन केन्‍द्रीय वित्तमंत्री पी चिदम्बरम को मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने पत्र लिखा। 
  20. 3 जनवरी 2012 को उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने मनमोहन सिंह को पत्र लिखा और Special Category Status की माँग की। 
  21. 03 मार्च 2012 – मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार जी ने योजना आयोग के उपाध्‍यक्ष को लिखा पत्र । 
  22. 30 मार्च 2012 को बिहार को Special Category Status देने के लिए बना Inter Ministerial Group ने अपनी रिपोर्ट भारत सरकार को सौंपी। 
  23. 12 सितम्बर 2012 को लालू यादव ने नीतीश कुमार पर आरोप लगाया कि जब साल 2000 में बिहार की मुख्यमंत्री राबड़ी देवी बिहार के लिए Special Category Status की माँग करने सर्वदलीय प्रतिनिधि मंडल नैशनल डिवेलप्मेंट काउन्सिल से मिली थी तब नीतीश कुमार ने बिहार को Special Category Status देने का विरोध किया था।
  24. 04 नवम्‍बर 2012 – पटना के गाँधी मैदान में बिहार को Special Category Status देने की मांग को लेकर अधिकार रैली की। 
  25. जनवरी 2013 में भारत सरकार ने झारखंड सरकार को सूचित कर दिया कि झारखंड Special Category Status प्राप्त करने के लिए ज़रूरी शर्तें पूरी नहीं करता है। 
  26. 17 मार्च 2013 – नई दिल्‍ली के रामलीला मैदान में जदयू द्वारा बिहार को Special Category Status देने की मांग को लेकर अधिकार रैली किया गया। 
  27. 18 अप्रैल 2013 को केंडर सरकार ने घोषणा किया कि कालाहांडी, बोलनगिर और Koraput क्षेत्र के लिए Backward Region Grant Fund के तहत ढाई सौ करोड़ वार्षिक का विशेष पैकिज दिया। 
  28. 22 अप्रैल 2013 को राजभवन पर धरना उसके बाद हर ज़िला मुख्यालय पर धरना दिया गया। 24-25 अप्रैल को जब राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी उड़ीसा गए तो उनसे BJD और कांग्रेस दोनो के नेता ने उड़ीसा के लिए Special Category Status का माँग किया। फिर वित्त मंत्री P चिदम्बरम को भी ज्ञापन सौंपा। 
  29. 25 अप्रैल 2013 योजना मंत्री राजीव शुक्ला ने संसद को बताया कि भारत सरकार बिहार समेत अन्य राज्यों को Special Category Status देने पर विचार कर रही है। इसपर नीतीश कुमार ने ख़ुशी भी ज़ाहिर किया था।  
  30. 26 अप्रैल 2013 को BJD ने ओड़िसा को Special Category Status की माँग के साथ पूरे ओड़िसा में हड़ताल किया। 
  31. 27 अप्रैल 2013 को ओड़िसा कांग्रेस के अध्यक्ष निरंजन पटनायक मनमोहन सिंह से मिलकर ओड़िसा के लिए Special Category Status की माँग की। 
  32. 28 अप्रैल 2013 को BJD ने ओड़िसा को Special Category Status के लिए ओड़िसा में एक करोड़ हस्ताक्षर अभियान शुरू किया। 
  33. मई 2013 में भारत सरकार ने उड़ीसा सरकार को सूचित कर दिया कि उड़ीसा Special Category Status प्राप्त करने के लिए ज़रूरी शर्तें पूरी नहीं करता है।
  34. 15 मई 2013 – केन्‍द्र सरकार ने रघुराम राजन की अध्‍यक्षता में राज्‍यों के पिछड़ेपन का मानक तय करने के लिए कमेटी गठित की। 
  35. 12 जून 2013 को BJD ने दिल्ली में स्वाभिमान रैली किया और ओड़िसा के लिए Special Category Status की माँग भी की। 
  36. 22 अगस्त को योजना मंत्री राजीव शुक्ला ने संसद को बताया कि झारखंड, राजस्थान और उड़ीसा Special Category Status की ज़रूरी शर्तें पूरा नहीं करता है लेकिन बिहार का मामला विचाराधीन हैं। 
  37. अगले ही दिन 23 अगस्त को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राजीव शुक्ला के बयान पर आपत्ति ज़ाहिर करते हुए केंद्र सरकार को Special Category Status के लिए ज़रूरी शर्तों में बदलाव करने का आग्रह किया और झारखंड को विशेष राज्य दर्जा देने की माँग की। भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने भी योजना मंत्री राजीव शुक्ला की बात पर खेद ज़ाहिर किया। 
  38. 27 अगस्त 2013 को भाजपा नेता निशिकांत दुबे ने देश की संसद में शून्य काल के दौरान योजना मंत्री राजीव शुक्ला का विरोध करते हुए कहा कि झारखंड को Special Category Status मिलना चाहिए क्यूँकि झारखंड देश का आधा खनिज उत्पादन करने के बावजूद ग़रीबी और भुखमरी में जी रहा है। 
  39. 28 अगस्त 2013 को BJD का छात्र विंग ने ने राजीव शुक्ला के बयान पर आपत्ति ज़ाहिर किया, मानव ऋंखला बनाया और मार्च किया। 
  40. 02 सितम्‍बर 2013 – रघुराम राजन कमेटी ने केन्‍द्र को अपनी रिपोर्ट सौंपी । 
  41. 3 सितम्बर को झारखंड के मुख्यमंत्री शिबू सोरेन प्रधानमंत्री से मिलकर झारखंड के लिए Special Category Status की माँग की और कहा कि जिन आधार पर ये दर्जा दिया जाता है उन सभी आधारों में झारखंड बिहार से ज़्यादा हक़दार है।
  42. 26 सितम्‍बर 2013 – केन्‍द्र सरकार ने रिपोर्ट जारी किया।
  43. 18 फ़रवरी 2014 को JDU के सभी सांसदों ने संसद भवन के बाहर बिहार को Special Category Status देने के लिए धरना दिया। 
  44. 24 फ़रवरी 2014 को राजस्थान कांग्रेस के नेताओं (पूर्व वित्त मंत्री पराध्यूमन सिंह और राज्य के वित्त आयोग के पूर्व चेयरमैन B D कल्ला) ने भी वित्त आयोग से मिले और उनसे आग्रह किया कि राजस्थान को Special Category Status मिले। 
  45. 24 फ़रवरी को ही ओड़िसा में राजभवन के सामने BJD द्वारा धरना दिया गया। 
  46. 22 फ़रवरी 2014 को झारखंड का अजासू ने घोषणा किया कि 2 मार्च को झारखंड के लिए पूरा झारखंड बंद रहेगा। 
  47. 2 मार्च 2014 को झारखंड दौरे पर ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने इस सवाल के जवाब में कि क्या झारखंड को भी विशेष राज्य का दर्जा मिलना चाहिए, उन्होंने बोला कि जिस भी राज्य की प्रति व्यक्ति आय कम है उसे कम से कम दस सालों के लिए विशेष राज्य का दर्जा मिलना चाहिए। 
  48. मार्च 2014 में ही प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आंध्र प्रदेश को पाँच सालों के लिए विशेष राज्य का दर्जा देने का वादा किया और वो भी संसद के भीतर। 
  49. मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद नवीन पटनायक पहले मुख्यमंत्री थे जो 2 जून को प्रधानमंत्री से मिले और ओड़िसा के लिए Special Category Status की माँग की
  50. 10 जून 2014 को छतीसगढ़ ने बहुत लम्बे अंतराल के बाद Special Category Status की माँग की हालाँकि छतीसगढ़ में इसकी माँग साल 2002 से ही चल रही थी। 
  51. 7 फ़रवरी 2016 को नवीन पटनायक ने प्रधानमंत्री से ओड़िसा Special Category Status को देने की माँग की। 
  52. जुलाई 2016 में नीतीश कुमार ने इंटर स्टेट काउन्सिल के मीटिंग में बिहार को विशेष राज्य के दर्जे का सवाल उठाया। 
  53. 26 जनवरी 2017 आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य के दर्जे के लिए आंध्र प्रदेश में विरोध प्रदर्शन हुआ। 
  54. मई 2017 में नीतीश कुमार ने एक तीन पेज का पत्र प्रधानमंत्री मोदी को लिखा जिसमें बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की माँग की। 
  55. इसे भी पढ़े: 150 सालों से चल रहा है विशेष राज्य का विवाद और बिहार के साथ भेदभाव।
  56. फ़रवरी से लेकर जुलाई 2018 तक पंजाब सरकार के साथ साथ आम आदमी पार्टी ने भी पाकिस्तान के साथ सीमा साझा करने और ड्रग्स के बढ़ते प्रभाव से लड़ने के एवज़ में कई बार Special Category Status की माँग की।
  57. मार्च 2018 में तेलगू देशम पार्टी ने NDA से बाहर हो गई TDP और YSR कांग्रेस के नेता पहले 5 मार्च संसद के बाहर विरोध प्रदर्शन किए,
  58. 8 मार्च 2018 को TDP ने मोदी सरकार में शामिल अपने दो मंत्रियों से त्यागपत्र दिलवा दिया। ये दो मंत्री थे विमान उदयन मंत्री P अशोक गजपति राजू और Science and Technology राज्य मंत्री सुजाना चौधरी। इसके अलावा आंध्र प्रदेश की TDP सरकार ने भाजपा के दो मंत्री का मंत्रिपद भी छिन लिया।
  59. 16 मार्च 2018 को TDP ने NDA को छोड़ दिया, इसी सवाल पर कि NDA में रहने के बावजूद आंध्र प्रदेश को मोदी सरकार विशेष राज्य का दर्जा नहीं दे रही है।  
  60. भाजपा के बचाव में जिस तरह से बिहार के भाजपा नेता सुशील मोदी जी केंद्र सरकार द्वारा बिहार के राज्य सरकार को दिए गए धन का ब्योरा देते हैं ठीक उसी तरह आंध्र प्रदेश के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष K हरिबाबू भी ऐसे ही केंद्र सरकार द्वारा आंध्र प्रदेश की राज्य सरकार को दिए गए धन का ब्योरा दिया। 
  61. 16 जून 2018 को उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भी मोदी जी को पत्र लिखकर उड़ीसा के लिए विशेष राज्य दर्जा का माँग किया और बोला कि उड़ीसा के लिए विशेष राज्य दर्जा का माँग पहली बार साल 1979 में जनता पार्टी नेता नीलमणि रूत्रय ने किया था। 
  62. 21 जुलाई 2018: नरेंद्र मोदी सरकार के ख़िलाफ़ पहली बार अविश्वास प्रस्ताव साल 2018 में आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य दर्जा देने के सवाल पर ही उठा था और TDP ने ही उठाया।
  63. सितम्बर 2018
  64. 12 मई 2019 को नवीन पटनायक ने ओड़िसा में फ़ानी आपदा आने के बाद उड़ीसा के लिए Special Category Status बेहद ज़रूरी बताया। 
  65. 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान K C त्यागी ने बोला था कि अगर JDU को 2019 के लोकसभा चुनाव में कम से कम 15 सीटों पर जीत मिलती है तो उनकी पार्टी बिहार के लिए Special Category Status विशेष अभियान चलाएगी। JDU को उस चुनाव में। 22 मई 2019 को नीतीश कुमार ने भी बिहार को Special Category Status में शामिल करने की बात दोहराई। 
  66. लोकसभा चुनाव ख़त्म होने के बाद बीजू जनता दल के सांसद मिश्रा ने 14 जून 2019 को बोला था कि BJD, JDU और YSR कांग्रेस के साथ मिलकर विशेष राज्य दर्जा का माँग की लड़ाई लड़ने की तैयारी कर रही है। इससे एक हफ़्ता पहले ओड़िसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक प्रधानमंत्री मोदी से मिलकर प्राकृतिक आपदा को भी विशेष राज्य दर्जा के लिए ज़रूरी शर्तों में शामिल करने का आग्रह किया था। 
  67. जुलाई 2019 में JDU ने फिर से Social Category Status की माँग की लेकिन अब भाजपा इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोल रहे थे। 
  68. नवम्बर 2019 भाजपा राज्यसभा सांसद गोपाल नारायण सिंह ने JDU नेताओं द्वारा Special Category Status की माँग को शिगूफ़ा बताया। 
  69. 18 नवम्बर 2019 को नालंदा के सांसद कौशलेन्द्र कुमार ने बिहार को Social Category Status देने का सवाल संसद में उठाया और JDU के एक दूसरे सांसद दिनेश चंद्रा यादव ने उनका समर्थन किया।
  70. 17 अक्तूबर 2020 को तेजस्वी यादव ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए RJD का घोषणापत्र जारी करते हुए बोला कि बिहार को Special Category Status देने के लिए। डॉनल्ड ट्रम्प नहीं आएँगे।
  71. सितम्बर 2021:  आयोग की रिपोर्ट जारी होने के बाद योजना और क्रियान्वयन राज्य मंत्री बिजेंद्र यादव ने भी नीति आयोग के वाइस चेयरमैन राजीव कुमार को एक पत्र लिखकर कहा था कि बिहार विशेष राज्य दर्जा के लिए ज़रूरी सभी मानक को पूरा करता है।
  72. 14 नवम्बर 2021 को राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने Special Category Status की माँग की। 
  73. 30 दिसम्बर को राजस्थान सरकार के मंत्री सुभाष गर्ग ने सभी राज्यों के वित्त मंत्री के मीटिंग में राजस्थान के लिए Special Category Status की माँग की। 
  74. दिसम्बर 2021 में JDU संसद सुनील कुमार पिंटू ने बिहार के लिए विशेष दर्जे की माँग की।  
  75. दिसम्बर 2021 में नीतीश कुमार बिहार यात्रा पर इसी संकल्प के साथ निकले कि बिहार को विशेष राज्य दर्जा के लिए आंदोलन को संगठित करना है। 
  76. जनवरी 2022 में ललन सिंह ने फिर से बिहार को विशेष राज्य का मुद्दा उठाया और लगातार दो हफ़्ते तक रोज़ इस विषय पर एक ट्वीट किया। जिसपर संजय जायसवाल ने इस मुद्दे को फ़ालतू बताया और बिहार को मिले विशेष पैकिज देने का ज़िक्र किया। 
  77. फ़रवरी 2022 में JDU के सांसद चंदेश्वर प्रसाद ने फिर से संसद में विशेष राज्य का मुद्दा उठाया जिसपर आंध्र प्रदेश के सांसद Kuruva Gorantla ने भी आंध्र प्रदेश के लिए विशेष राज्य दर्जा का माँग किया। 
  78. 4 अगस्त 2022 को नवीन पटनायक ने नीति आयोग को सीधे शब्दों में बोला कि Special Category Status उड़ीसा का हक़ है।
  79. 16 सितम्बर 2022 को नीतीश कुमार ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि अगर 2024 में केंद्र में उनकी सरकार आएगी तो सभी गरीब राज्यों को Special Category Status दिया जाएगा।
  80. 22 नवम्बर 2023 को बिहार सरकार ने बिहार को Special Category Status दिलवाने के लिए बिहार विधानसभा में Resolution पारित किया और केंद्र सरकार के पास भेजा। 
  81. 23 नवम्बर 2023 को सुशील मोदी ने आरोप लगाया कि जब मनमोहन सरकार के दौरान नीतीश कुमार बिहार को Special Category Status दिलवाने का प्रयास कर रहे थे तब लालू यादव ने नीतीश कुमार के प्रयास का विरोध किया था।
Special Category Status का केंद्र:

इस टाइमलाइन से इतना तो स्पष्ट है कि साल 2001 में उत्तराखंड को Special Category Status मिलने के बाद जब जब Special Category Status की आवाज़ उठी उसमें बिहार पूरे बहस के केंद्र में था। सिर्फ़ साल 2018 के दौरान जब आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में Special Category Status की बहस तेज हुई थी और नरेंदर मोदी सरकार के ख़िलाफ़ इसी विषय पर संसद में अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया था, उसे छोड़ दें तो पिछले दो दशक के दौरान Special Category Status के सवाल पर बिहार राजनीति के केंद्र में रहा है और फिर से एक बार इस विषय पर बिहार केंद्र  में आ गया है।

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Sweety Tindde
Sweety Tinddehttp://huntthehaunted.com
Sweety Tindde works with Azim Premji Foundation as a 'Resource Person' in Srinagar Garhwal.
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